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नर्मदापुरम को मिली ऐतिहासिक औद्योगिक सौगात... प्रतिभूति कागज कारखाना में नई पेपर मशीन को कैबिनेट की मंज़ूरी, 1 788 करोड़ का निवेश...

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✍️ संवाददाता: नर्मदापुरम  |  🖊️ संपादन: MP जनमत

08 जनवरी 2026

नर्मदापुरम

नर्मदापुरम (संदीप चाैरसिया) । जिले के औद्योगिक इतिहास में एक नया अध्याय जुड़ गया है। नर्मदापुरम स्थित प्रतिभूति कागज कारखाना (SPM) में अत्याधुनिक पेपर मशीन की स्थापना को केंद्रीय मंत्रिमंडल की स्वीकृति मिल गई है। यह परियोजना केंद्रीय आर्थिक मामलों की कैबिनेट समिति (CCEA) के तहत मंज़ूर की गई है, जिसका कुल वित्तीय निहितार्थ 1,788 करोड़ है। इसमें से लगभग 1,700 करोड़ मशीन स्थापना और तकनीकी उन्नयन पर खर्च किए जाएंगे।

 

  लगेगा प्लांट...  

 

इस परियोजना के तहत 6000 मीट्रिक टन प्रतिवर्ष क्षमता की सिलेंडर मोल्ड वेट-मेड वाटरमार्क बैंक नोट (CWM-BN) पेपर मैन्युफैक्चरिंग लाइन स्थापित की जाएगी। यह लाइन मौजूदा करीब 50 वर्ष पुरानी, अप्रचलित और कम दक्ष मशीनों का स्थान लेगी। नई तकनीक के आने से उत्पादन क्षमता बढ़ेगी, गुणवत्ता सुधरेगी और लागत-दक्षता में बड़ा सुधार होगा।


  राष्ट्रीय सुरक्षा और अर्थव्यवस्था दोनों को लाभ...  

 

प्रतिभूति कागज कारखाना, भारत प्रतिभूति मुद्रण तथा मुद्रा निर्माण निगम लिमिटेड (SPMCIL) की प्रमुख इकाई है, जो देश की संवेदनशील बैंक-नोट कागज आवश्यकताओं की पूर्ति करती है। नई मशीन के माध्यम से विशेष रूप से ₹10 और ₹20 जैसे कम मूल्य वर्ग के नोटों के लिए उच्च गुणवत्ता वाले कागज की निरंतर आपूर्ति सुनिश्चित होगी। इससे नकदी प्रवाह, लेन-देन और आर्थिक गतिविधियों को स्थिरता मिलेगी।


  रोजगार और स्थानीय विकास को नई गति...  

 

परियोजना से नर्मदापुरम क्षेत्र में प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रूप से बड़े पैमाने पर रोजगार सृजित होंगे। स्थानीय युवाओं को तकनीकी प्रशिक्षण और आधुनिक कौशल का अवसर मिलेगा। सहायक उद्योग, लॉजिस्टिक्स, सेवाएं और स्थानीय कारोबार भी इससे सशक्त होंगे, जिससे क्षेत्रीय अर्थव्यवस्था को नई रफ्तार मिलेगी।


  सांसद के प्रयासों का परिणाम...  

 

इस महत्वपूर्ण उपलब्धि के पीछे नर्मदापुरम-होशंगाबाद लोकसभा सांसद दर्शन सिंह चौधरी के निरंतर प्रयास, प्रभावी पैरवी और सतत पहल का विशेष योगदान बताया जा रहा है। विषय को संसद और संबंधित मंत्रालयों में लगातार उठाने का सकारात्मक परिणाम अब ज़मीन पर उतरता दिख रहा है।


  शीर्ष नेतृत्व के प्रति आभार...  

 

इस निर्णय के लिए क्षेत्रवासियों ने नरेंद्र मोदी, निर्मला सीतारमण, शिवराज सिंह चौहान और मोहन यादव सहित केंद्रीय मंत्रिमंडल और राज्य-केंद्र के नेतृत्व के प्रति आभार जताया है।


  आत्मनिर्भर भारत की दिशा में बड़ा कदम...  

 

यह परियोजना न केवल नर्मदापुरम को औद्योगिक मानचित्र पर नई पहचान दिलाएगी, बल्कि आत्मनिर्भर और विकसित भारत के संकल्प को भी मज़बूत करेगी। आधुनिक तकनीक, सुरक्षित आपूर्ति और स्थानीय विकास—तीनों मोर्चों पर यह फैसला दूरगामी असर छोड़ने वाला माना जा रहा है।

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