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झाबुआ में शराब माफिया पर पुलिस का करारा वार… “ऑपरेशन प्रहार” में अवैध शराब से भरी दो कारें जप्त, आरोपी सलाखों के पीछे...

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✍️ संवाददाता: झाबुआ  |  🖊️ संपादन: MP जनमत

08 जनवरी 2026

झाबुआ

झाबुआ। जिले में अवैध शराब के खिलाफ पुलिस ने एक बार फिर यह साबित कर दिया कि अगर मंशा साफ और इरादे मजबूत हों, तो तस्करी का कोई भी नेटवर्क ज्यादा देर टिक नहीं सकता। जिले में चलाए जा रहे विशेष अभियान “ऑपरेशन प्रहार” के तहत उमरकोट चौकी पुलिस ने ऐसी कार्रवाई की है, जिसने शराब माफिया के हौसले हिला दिए हैं।


उमरकोट चौकी क्षेत्र में कार्रवाई के दौरान झाबुआ पुलिस द्वारा जप्त की गई स्विफ्ट डिजायर कारें और बड़ी मात्रा में अवैध शराब, जिसे ऑपरेशन प्रहार के तहत पकड़ा गया।

7 जनवरी 2026 को थाना कालीदेवी अंतर्गत चौकी उमरकोट पुलिस को अवैध शराब परिवहन की पुख्ता सूचना मिली। सूचना मिलते ही पुलिस टीम हरकत में आई और योजनाबद्ध तरीके से दबिश दी गई। कार्रवाई के दौरान शराब से भरी दो स्विफ्ट डिजायर कारों को पकड़ा गया और मौके से आरोपी को गिरफ्तार कर लिया गया। पूरी कार्रवाई इतनी सटीक रही कि तस्करों को संभलने तक का मौका नहीं मिला।

पुलिस जांच में सामने आई 36 पेटी अवैध शराब, जिसे तस्करी के लिए ले जाया जा रहा था। समय रहते कार्रवाई से शराब तस्करों के मंसूबों पर पानी फिर गया।
पुलिस जांच में सामने आया कि पकड़ी गई गाड़ियों में 36 पेटी अवैध शराब, यानी करीब 543 बल्क लीटर शराब भरी हुई थी। शराब की अनुमानित कीमत करीब 2 लाख 14 हजार 80 रुपये आंकी गई, जबकि तस्करी में इस्तेमाल की जा रही दोनों कारों की कीमत लगभग 16 लाख रुपये बताई गई है। इस तरह कुल मिलाकर 18 लाख 14 हजार 80 रुपये का मशरूका पुलिस ने जप्त किया है।


इस पूरी कार्रवाई में थाना प्रभारी कालीदेवी निरीक्षक जयराज सोलंकी, चौकी प्रभारी उमरकोट उप निरीक्षक जितेंद्र चौहान और उनकी टीम की सक्रिय भूमिका रही। टीम ने न केवल तस्करी को रोका, बल्कि यह भी संदेश दिया कि झाबुआ में अवैध शराब के लिए अब कोई सुरक्षित रास्ता नहीं बचा है।


पुलिस कप्तान ने इस उत्कृष्ट और सराहनीय कार्रवाई पर पूरी टीम को नकद पुरस्कार से पुरस्कृत करने की घोषणा की है। यह पुरस्कार सिर्फ सम्मान नहीं, बल्कि उन पुलिसकर्मियों के हौसले की पहचान है, जो लगातार जोखिम उठाकर समाज को जहर से बचाने की लड़ाई लड़ रहे हैं।


झाबुआ में यह कार्रवाई बताती है कि, अवैध शराब का कारोबार करने वालों के लिए अब जमीन तंग होती जा रही है, और “ऑपरेशन प्रहार” आने वाले दिनों में और भी भारी पड़ने वाला है।

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