देश की अर्थव्यवस्था से खिलवाड़… कियोस्क से छप रही थी 500 की जाली करेंसी… बड़वानी में नकली नोट फैक्ट्री का भंडाफोड़...
08 जनवरी 2026
बड़वानी
बड़वानी (किरण चाैहान) । जिले में नकली नोटों का एक गंभीर मामला सामने आया है, जहां पुलिस ने समय रहते कार्रवाई कर जाली करेंसी के कारोबार पर बड़ा प्रहार किया है। यह मामला सिर्फ नकली नोट बरामदगी तक सीमित नहीं है, बल्कि यह दिखाता है कि किस तरह आम दिखने वाले कियोस्क सेंटर से देश की अर्थव्यवस्था को नुकसान पहुंचाने की साजिश रची जा रही थी।
पुलिस को मुखबिर से सूचना मिली थी कि दो युवक सफेद स्कॉर्पियो वाहन से नकली नोट बाजार में खपाने के लिए निकलने वाले हैं। सूचना मिलते ही पलसूद पुलिस ने मटली की ओर से आ रहे वाहन की घेराबंदी की और संदिग्ध स्कॉर्पियो को रोक लिया। वाहन में सवार दोनों युवकों की तलाशी लेने पर पुलिस को बड़ी सफलता हाथ लगी।
पुलिस जांच में सामने आया कि पकड़े गए आरोपियों में भागीराम पिता हमरिया कनोज (28) निवासी मटली, पलसूद और गोविंद पिता सुवालाल बांडोड (19) निवासी हीरकराय, थाना सिलावद शामिल हैं। तलाशी के दौरान भागीराम के पास से 500-500 रुपये के 48 नकली नोट और गोविंद के पास से 500-500 रुपये के 50 नकली नोट बरामद किए गए। इस तरह कुल 98 नकली नोट जब्त किए गए।
पूछताछ में जो तथ्य सामने आए, वे और भी चौंकाने वाले हैं। पुलिस को पता चला कि आरोपियों में से एक युवक कियोस्क सेंटर का संचालन करता है और उसी सेंटर पर कलर प्रिंटर की मदद से नकली नोट छापे जा रहे थे। पुलिस ने कियोस्क सेंटर पर दबिश देकर नोट छापने में इस्तेमाल किया जाने वाला प्रिंटर, कागज और अन्य सामग्री भी जब्त कर ली है।
यह पूरी कार्रवाई पुलिस अधीक्षक जगदीश डावर के निर्देश पर जिले में चलाए जा रहे अवैध गतिविधियों के विरुद्ध अभियान के तहत की गई। पुलिस का मानना है कि यह मामला किसी छोटे प्रयोग तक सीमित नहीं है, बल्कि इसके पीछे एक बड़ा नेटवर्क भी हो सकता है।
फिलहाल दोनों आरोपियों से गहन पूछताछ की जा रही है। पुलिस यह पता लगाने में जुटी है कि अब तक कितने नकली नोट छापे जा चुके हैं, किन-किन इलाकों में इन्हें खपाया गया और इस पूरे नेटवर्क में और कौन लोग शामिल हैं। जांच जैसे-जैसे आगे बढ़ेगी, नकली करेंसी के इस खेल से जुड़े और भी परतें खुलने की संभावना जताई जा रही है।





Comments (0)