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स्मार्ट सीटी इंदाैर में स्मार्ट प्रयाेग : गिट्टी पर ही टिका दी बीम, बिना बेस बन रही स्मार्ट सड़क...!

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✍️ संवाददाता: इंदौर - Indore  |  🖊️ संपादन: MP जनमत

13 जनवरी 2026

इंदौर - Indore

जवाहर मार्ग से चंद्रभागा ब्रिज तक अजीब प्रयोग, पहली बारिश में धंसने का खतरा...


इंदौर (अरविंद आर. तिवारी)। स्मार्ट सिटी के नाम पर इंदौर में सड़क निर्माण का एक ऐसा प्रयोग सामने आया है, जिसने तकनीकी मानकों और टिकाऊ निर्माण पर बड़ा सवाल खड़ा कर दिया है। जवाहर मार्ग से चंद्रभागा ब्रिज तक बनाई जा रही सड़क अब विकास से ज्यादा एक्सपेरिमेंट का उदाहरण बनती दिख रही है।


  बिना बेस सीधे गिट्टी पर बीम  जवाहर मार्ग से चंद्रभागा ब्रिज तक सड़क निर्माण में बिना बेस गिट्टी के ऊपर बीम डालकर पैवर ब्लॉक लगाए जा रहे हैं। इस तरीके ने निर्माण गुणवत्ता और आने वाले समय में सड़क के धंसने की आशंका को लेकर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।


मौके पर देखा गया कि पैवर ब्लॉक लगाने के दौरान सड़क के साइड में गिट्टी के ऊपर ही बीम डाल दी गई, जबकि इस बीम के नीचे कोई पुख्ता बेस तैयार ही नहीं किया गया। जानकारों का मानना है कि बीम का बेस जमीन के भीतर मजबूती के लिए जरूरी होता है, लेकिन यहां उसे पूरी तरह नजरअंदाज किया गया।

  पहली बारिश में खुल सकती है पोल  


चिंता की सबसे बड़ी वजह यह है कि जिस हिस्से में पैवर ब्लॉक लगाए जा रहे हैं, उसके नीचे ड्रेनेज और अन्य लाइनें मौजूद हैं। खुद स्मार्ट सिटी कंपनी के अधिकारियों का कहना है कि इसी कारण यहां पैवर ब्लॉक लगाए जा रहे हैं।
          ऐसे में बारिश के दौरान मिट्टी के धंसने की आशंका लगभग तय मानी जा रही है। यदि पैवर ब्लॉक नीचे बैठे, तो बिना बेस की यह बीम भी सरकने या गिरने से कौन रोक पाएगा...?


  सालों से अधूरी, अब भी सवालों के घेरे में  


जानकारी के मुताबिक प्रेमसुख टॉकीज से चंद्रभागा ब्रिज तक सड़क निर्माण वर्षों से चल रहा है और आज भी यह पूरी तरह पूर्ण नहीं हो सका है। अब बचे हुए हिस्से में पैवर ब्लॉक लगाकर जल्दबाजी में काम समेटने की कोशिश की जा रही है, लेकिन गुणवत्ता पर समझौता साफ दिखाई दे रहा है।


  कर्व ब्लॉक बनाम ओपन बीम  


स्मार्ट सिटी कंपनी का तर्क है कि चाहे बीम हो या कर्व ब्लॉक, दोनों ही ओपन रहते हैं।
लेकिन सच्चाई यह भी है कि कर्व ब्लॉक को जमीन में कुछ हद तक खोदकर जमाया जाता है, जिससे उसे मजबूती मिलती है। इसके उलट, बिना बेस की ओपन बीम का टिकना अपने आप में बड़ा जोखिम है।

 

  जवाब देने से बचते जिम्मेदार  


मामले पर चर्चा के लिए Indore Smart City Development Ltd. के सीईओ अर्थ जैन से संपर्क किया गया, लेकिन उन्होंने मीटिंग में होने का हवाला देकर फोन रख दिया। इसके बाद भी उनकी ओर से कोई जवाब नहीं आया।


  यह विकास है या दिखावा...?  


शहर की प्रमुख सड़क पर हो रहे इस निर्माण को देखकर यही प्रश्न मन में उठता है कि क्या स्मार्ट सिटी के नाम पर गुणवत्ता से समझौता किया जा रहा है...? या फिर यह सड़क पहली ही बारिश में एक और “स्मार्ट फेल्योर” की कहानी बन जाएगी...?

एमपी जनमत इस मुद्दे पर जिम्मेदारों से जवाब की प्रतीक्षा करेगा और इंदाैर की जनता के मन की आवाज को लगातार उठाता रहेगा।

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