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भविष्य की लड़ाई सड़काें पर : MPPSC भर्ती को लेकर NEYU का सत्याग्रह और ज्ञापन, कड़ाके की ठंड में खुले आसमान के नीचे डटे छात्र

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✍️ संवाददाता: इंदौर  |  🖊️ संपादन: MP जनमत

25 जनवरी 2026

इंदौर

इंदौर (अरविंद आर. तिवारी)। मध्यप्रदेश लोक सेवा आयोग (MPPSC) द्वारा आयोजित परीक्षाओं में रिक्त पदों की संख्या बढ़ाने सहित विभिन्न लंबित मांगों को लेकर नेशनल एजुकेटेड यूथ यूनियन (NEYU) के कार्यकर्ताओं ने आयोग के मुख्यालय पर सत्याग्रह शुरू कर दिया है। छात्र नेता राधे जाट के नेतृत्व में शुरू हुए इस आंदोलन में पहले दिन भले ही संख्या सीमित रही, लेकिन कड़ाके की ठंड के बावजूद कार्यकर्ता खुले आसमान के नीचे डटे रहे और संघर्ष के गीत गाते नजर आए।


सत्याग्रह के साथ-साथ आज NEYU के शैक्षणिक प्रकोष्ठ अध्यक्ष धर्मवीर विश्नोई, प्रदेश सचिव मोहित खेरा, प्रदेश प्रवक्ता सचिन शर्मा एवं इंदौर संभाग सचिव पुनीत चतुर्वेदी के नेतृत्व में छात्रों के प्रतिनिधिमंडल ने MPPSC को ज्ञापन सौंपा। ज्ञापन के माध्यम से आयोग और राज्य सरकार का ध्यान छात्रों की लंबित शैक्षणिक और भर्ती संबंधी समस्याओं की ओर आकर्षित किया गया।


  ज्ञापन में रखी गई प्रमुख मांगें  

  1. MPPSC असिस्टेंट प्रोफेसर भर्ती के शेष विषयों की साक्षात्कार तिथियां शीघ्र घोषित की जाएं।
  2. FSO भर्ती में पदों की संख्या घटाकर किए गए निर्णय को वापस लेते हुए, पहले विज्ञापित अनुसार 120 पद बहाल किए जाएं।
  3. नई असिस्टेंट प्रोफेसर भर्ती एवं MPSET परीक्षा जल्द से जल्द आयोजित की जाए।
  4. MPPSC मेन्स 2025 की परीक्षा तिथि शीघ्र घोषित की जाए।
  5. ADPO के नए पदों पर भर्ती प्रक्रिया तुरंत शुरू की जाए।

छात्र नेताओं का कहना है कि लंबे समय से परीक्षाएं और भर्तियां लंबित होने के कारण हजारों युवाओं का भविष्य अधर में लटका हुआ है। यदि समय रहते निर्णय नहीं लिए गए, तो आंदोलन को और तेज किया जाएगा।

      NEYU ने मध्यप्रदेश सरकार और MPPSC से सकारात्मक पहल की उम्मीद जताते हुए कहा है कि छात्रों की जायज मांगों पर जल्द फैसला लेकर अनिश्चितता को खत्म किया जाना चाहिए।

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