किराये की कारों का खेल निकला करोड़ों का... वॉशिंग सेंटर की आड़ में चलता रहा ‘गिरवी गैंग’, अन्नपूर्णा पुलिस ने दबोचा मास्टरमाइंड...
25 जनवरी 2026
इंदाैर
इंदौर (संवाददाता)। शहर में किराये की कारों के नाम पर ऐसा खेल चल रहा था, जिसका अंदाज़ा खुद कार मालिकों को भी नहीं था।चमचमाती गाड़ियां… भरोसे के कागज़… और पीछे से गिरवी रखकर नकद कमाई। अन्नपूर्णा पुलिस ने इसी शातिर फर्जीवाड़े का पर्दाफाश करते हुए आरोपी संजय करिरा को गिरफ्तार कर लिया है। पुलिस ने अब तक 24 महंगी और लग्जरी कारें जब्त की हैं, जबकि डेढ़ दर्जन से ज्यादा गाड़ियां अब भी गायब बताई जा रही हैं।
कार वॉशिंग सेंटर, ऊपर से सफाई… अंदर से फर्जीवाड़ा...
केशरबाग रोड पर चल रहा कार वॉशिंग सेंटर दरअसल किराये की कारों का जाल बन चुका था। आरोपी पहले कार मालिकों से अच्छा व्यवहार करता, लिखित अनुबंध करता और शुरुआती एक-दो महीने किराया भी देता। इसके बाद कार मालिकों को अंधेरे में रखकर गाड़ी तीसरे व्यक्ति के पास गिरवी रख देता।
एक स्विफ्ट ने खोला पूरा राज...
इस पूरे घोटाले की परतें तब खुलीं जब न्यू गोरी नगर निवासी रोमेन्द्र भदौरिया ने थाने में शिकायत दर्ज कराई। रोमेन्द्र ने जनवरी 2025 में खरीदी अपनी मारुति स्विफ्ट (MP09 AG 8335) को 24 हजार रुपये प्रतिमाह पर किराये से दिया था।
11 महीने का एग्रीमेंट हुआ, लेकिन दो महीने बाद किराया बंद… और कुछ दिनों बाद चौंकाने वाली सच्चाई सामने आई...
कार किसी और के पास गिरवी रखी जा चुकी थी और उसके बाद जब पुलिस जांच आगे बढ़ी तो मामला और गहराता चला गया...
एक नहीं, पूरा रैकेट
• करीब 40 से ज्यादा वाहन मालिक सामने आए
• सभी की कहानी लगभग एक जैसी
• किराया बंद, गाड़ी गायब, फोन बंद
यानी यह मामला किसी एक कार का नहीं, बल्कि संगठित कार रेंट रैकेट का निकला।
पुलिस कमिश्नर के निर्देश पर शिकंजा
मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस कमिश्नर संतोष सिंह ने सख्त निर्देश दिए। जोन-4 डीसीपी आनंद कलादगी और एसीपी दीषेश अग्रवाल के मार्गदर्शन में विशेष टीम बनाई गई।
सहायक पुलिस आयुक्त शिवेन्दु जोशी और अन्नपूर्णा थाना पुलिस ने आरोपी को धर दबोचा।
ऑडी से थार तक पुलिस के कब्जे में
आरोपी की निशानदेही पर पुलिस ने, ऑडी • इनोवा क्रिस्टा • थार • स्कॉर्पियो-N • फ्रोंक्स जैसी गाड़ियों समेत 24 वाहन जब्त किए हैं। पुलिस का कहना है कि और गाड़ियों की बरामदगी जल्द हो सकती है।
कई बड़े नाम भी आ सकते हैं सामने
पुलिस सूत्रों की मानें तो पूछताछ में कई और नामों के खुलासे हो सकते हैं। आशंका जताई जा रही है कि यह फर्जीवाड़ा करोड़ों रुपये तक का हो सकता है।
इस पुरी कार्रवाई में टीआई अजय कुमार नायर, एसआई एमरकस टोप्पो, प्रधान आरक्षक जितेंद्र सोलंकी, ऋषिकेश रावत, विश्वेंद्र, राकेश सहित टीम की अहम भूमिका रही।





Comments (0)