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गणतंत्र दिवस पर पंचायत में बड़ी चूक : भारत माता की जगह लक्ष्मी माता का पूजन, गणतंत्र दिवस पर मन गई धनतेरस

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✍️ संवाददाता: धार  |  🖊️ संपादन: MP जनमत

28 जनवरी 2026

धार

धार (शिवाजी चाैहान) । जिले के धरमपुरी जनपद पंचायत अंतर्गत ग्राम पंचायत पीपल्दागढ़ी में 26 जनवरी गणतंत्र दिवस के अवसर पर आयोजित कार्यक्रम उस वक्त विवादों में घिर गया, जब राष्ट्रीय पर्व पर परंपरानुसार भारत माता के पूजन के बजाय लक्ष्मी माता की पूजा कर दी गई। इस चूक ने मौके पर मौजूद ग्रामीणों को आक्रोशित कर दिया और पंचायत की तैयारियों पर गंभीर सवाल खड़े हो गए।


गणतंत्र दिवस पर पंचायत परिसर में ध्वजारोहण कार्यक्रम आयोजित किया गया था। कार्यक्रम की शुरुआत में पूजन की व्यवस्था की गई, लेकिन भारत माता की तस्वीर मंच पर मौजूद नहीं थी। इसकी जगह लक्ष्मी माता की तस्वीर रखी गई, जिसे लेकर ग्रामीणों ने तत्काल आपत्ति जताई। ग्रामीणों का कहना था कि 26 जनवरी जैसे संवैधानिक और राष्ट्रीय महत्व के दिन भारत माता का पूजन ही परंपरा और मर्यादा का प्रतीक है।


ग्रामीणों के विरोध के बाद मौके पर स्थिति बदली। ग्रामिणाें द्वारा द्वारा तत्काल भारत माता की तस्वीर मंगाकर विधिवत रूप से स्थापित की गई। इसके बाद पहले से रखी गई लक्ष्मी माता की तस्वीर को हटाने के बजाय, पास में ही एक अलग कुर्सी लगाकर मां लक्ष्मी को सम्मानपूर्वक पुनः स्थापित किया गया।


हालांकि तब तक मामला गरमा चुका था। ग्रामीणों का कहना है कि इस तरह की असमंजस भरी और लापरवाह व्यवस्था ग्राम पंचायत के जिम्मेदारों की कार्यप्रणाली को उजागर करती है। राष्ट्रीय पर्व पर हुई इस चूक को लेकर ग्रामीणों ने संबंधित अधिकारियों से जांच और जिम्मेदारों पर कार्रवाई की मांग की है।


पूरे घटनाक्रम का वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है, जिसके बाद यह मामला क्षेत्र में चर्चा का विषय बना हुआ है। वहीं प्रशासनिक स्तर पर भी इस घटनाक्रम को लेकर नजरें टिकी हुई हैं कि जिम्मेदारी तय होती है या नहीं।

 

तस्वीरों में यह भी साफ दिखाई देता है कि पंचायत परिसर में झंडा वंदन की बैदी स्वयं जर्जर हालत में है। जिस स्थान पर संविधान और राष्ट्रध्वज के सम्मान का प्रतीक होना चाहिए, वहां टूटी-फूटी संरचना और अस्थायी इंतजाम नजर आते हैं। यह दृश्य अपने आप में सवाल खड़ा करता है कि जब गणतंत्र दिवस जैसे राष्ट्रीय पर्व पर झंडा वंदन की बैदी तक दुरुस्त नहीं रखी जा सकी, तो गांव की समग्र व्यवस्था और पंचायत की कार्यशैली का अंदाजा आसानी से लगाया जा सकता है।

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