मुख्यमंत्री के निर्देश पर उज्जैन में ओलावृष्टि से खराब फसलों का सर्वे शुरू, गांव-गांव पहुंच रही राजस्व टीम
28 जनवरी 2026
उज्जैन
उज्जैन (निरंजन उदीवाल) । मावठे की बारिश और ओलावृष्टि से उज्जैन जिले में रबी फसलों को हुए नुकसान के बाद प्रशासन पूरी तरह सक्रिय हो गया है। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के निर्देश पर मंगलवार रात से ही जिले में फसल नुकसान का सर्वे कार्य शुरू कर दिया गया है।
कलेक्टर राेशन कुमार सिंह ने बताया कि मंगलवार रात्रि में आंधी-तूफान और ओलावृष्टि के कारण किसानों की फसलों को नुकसान पहुंचा है। इसे देखते हुए राजस्व विभाग को तत्काल सर्वे के निर्देश दिए गए हैं। सभी तहसीलदारों, आरआई और पटवारियों को अपने-अपने क्षेत्रों में गांव-गांव जाकर फसल नुकसान का आकलन करने के निर्देश जारी किए गए हैं।

कलेक्टर ने स्पष्ट किया कि मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के निर्देशानुसार किसी भी किसान को नुकसान नहीं होने दिया जाएगा। ओलावृष्टि से प्रभावित सभी किसानों की फसलों का आकलन कर नियमानुसार सहायता प्रदान की जाएगी।

इसी क्रम में तहसील के करेड़ी और लालाखेड़ा गांवों में बुधवार को तहसीलदार श्री कुंभकार द्वारा किसानों की फसलों का मौके पर जाकर सर्वे किया गया। इस दौरान कानसिया मंडल महामंत्री अवतार सिंह भी मौजूद रहे और सर्वे टीम को सहयोग प्रदान किया।
वहीं महिदपुर और झारड़ा सहित क्षेत्र के कचनारिया, कपेरी, रेहवारी, भारियाखेड़ी सहित अन्य गांवों में भी ओलावृष्टि से प्रभावित फसलों की जांच के लिए राजस्व एवं कृषि विभाग के अधिकारी मौके पर पहुंचे और नुकसान का जायजा लिया।

मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के निर्देश और कलेक्टर रौशन कुमार सिंह के मार्गदर्शन में बुधवार को अपर कलेक्टर श्री शाश्वत शर्मा द्वारा तराना विकासखंड के अंतर्गत ओलावृष्टि से हुई फसल क्षति का सर्वे किया गया। इस दौरान स्थानीय तहसीलदार, पटवारी, जनप्रतिनिधि और ग्रामीण भी उपस्थित रहे। अपर कलेक्टर श्री शर्मा ने ग्राम कोठरी और ग्राम झुमकी में ओलावृष्टि से प्रभावित फसलों का निरीक्षण किया।
प्रशासनिक अमले की सक्रियता से किसानों को राहत की उम्मीद बंधी है। अब सर्वे रिपोर्ट के आधार पर मुआवजा प्रक्रिया शुरू होने की संभावना जताई जा रही है।





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