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रोटला कस्तूरबा गांधी बालिका छात्रावास का वीडियो व्हाट्सएप पर प्रसारित, प्रबंधन ने बताया पिछला सत्र, जांच में सहयोग का दावा...

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✍️ संवाददाता: झाबुआ  |  🖊️ संपादन: MP जनमत

08 फरवरी 2026

झाबुआ

झाबुआ (ऋतिक विश्वकर्मा)।  जिले के रामा विकासखंड अंतर्गत ग्राम रोटला स्थित कस्तूरबा गांधी बालिका छात्रावास एक बार फिर चर्चा में आ गया है।

         इस बार मामला एक ऐसे वीडियो से जुड़ा है, जो वर्तमान में व्हाट्सएप सहित अन्य सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर प्रसारित हो रहा है। वीडियो में छात्रावास में निवासरत कुछ बालिकाएं सामूहिक रूप से ईसाई धर्म से जुड़ी एक प्रार्थना गाते हुए दिखाई दे रही हैं। वीडियो के प्रसार के बाद छात्रावास से जुड़ी गतिविधियों को लेकर अलग-अलग स्तर पर चर्चाएं शुरू हो गई हैं।

हालांकि, यह स्पष्ट करना आवश्यक है कि वायरल हो रहे वीडियो की तिथि, परिस्थितियों और पृष्ठभूमि को लेकर अभी तक किसी भी सक्षम अथवा अधिकृत विभाग की ओर से कोई आधिकारिक पुष्टि नहीं की गई है। ऐसे में सोशल मीडिया पर चल रहे वीडियो के आधार पर किसी प्रकार का निष्कर्ष निकालना फिलहाल जल्दबाजी माना जा रहा है।

गौरतलब है कि इससे पूर्व भी यही कस्तूरबा गांधी बालिका छात्रावास एक अन्य वीडियो के चलते सुर्खियों में रहा था। उस दौरान सोशल मीडिया पर वायरल हुए वीडियो में छात्रावास में अध्ययनरत बालिकाओं को कथित तौर पर खराब गुणवत्ता का भोजन दिए जाने से संबंधित बातें सामने आई थीं। उस प्रकरण के बाद संबंधित विभाग द्वारा जांच किए जाने की जानकारी भी सामने आई थी। जांच प्रक्रिया पूर्ण होने के पश्चात किसी गंभीर अनियमितता के प्रमाण सामने नहीं आने की बात कही गई थी और मामला वहीं समाप्त हो गया था।

अब एक बार फिर नया वीडियो सामने आने के बाद छात्रावास की व्यवस्थाओं और संचालन को लेकर सवाल उठाए जा रहे हैं। प्रशासनिक पक्ष जानने के उद्देश्य से जब जिला कलेक्टर नेहा मीणा से संपर्क करने का प्रयास किया गया, तो उनसे संपर्क नहीं हो सका। वहीं, सर्व शिक्षा अभियान के अंतर्गत कार्यरत जिला परियोजना समन्वयक (डीपीसी) रालूसिंह सिंघार से भी संपर्क किया गया, लेकिन वे व्यस्तता के चलते अपनी प्रतिक्रिया नहीं दे पाए।


इस पूरे मामले में छात्रावास प्रबंधन का पक्ष जानने के लिए जब छात्रावास की वार्डन बबीता डाबी से बातचीत की गई, तो उन्होंने वायरल वीडियो को लेकर स्थिति स्पष्ट की। वार्डन ने बताया कि सोशल मीडिया पर प्रसारित किया जा रहा वीडियो वर्तमान शैक्षणिक सत्र का नहीं है। उनके अनुसार, यह वीडियो पिछले सत्र का बताया जा रहा है, जिसे अब पुनः व्हाट्सएप और अन्य माध्यमों से प्रसारित किया जा रहा है।


वार्डन बबीता डाबी का कहना है कि इससे पहले भी इसी तरह के वीडियो उनके विरुद्ध वायरल किए गए थे। उन मामलों में संबंधित विभाग द्वारा विधिवत जांच कराई गई थी और जांच के बाद उन्हें दोषमुक्त पाया गया था। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि छात्रावास का संचालन शासन द्वारा निर्धारित सभी नियमों, दिशा-निर्देशों और मानकों के अनुरूप किया जाता है।

            उन्होंने कहा कि छात्रावास में बालिकाओं की शिक्षा, आवास, भोजन, सुरक्षा और अनुशासन को सर्वोच्च प्राथमिकता दी जाती है। धार्मिक गतिविधियों को लेकर उन्होंने स्पष्ट किया कि छात्रावास में किसी भी प्रकार की जबरदस्ती या नियमों के विपरीत गतिविधियों की अनुमति नहीं दी जाती। यदि कोई वीडियो बिना पूरे संदर्भ के सामने आता है, तो उससे भ्रम की स्थिति उत्पन्न हो सकती है, जिसका सीधा असर छात्रावास की छवि और वहां कार्यरत कर्मचारियों पर पड़ता है।

            वार्डन ने यह भी कहा कि यदि इस वीडियो को लेकर विभागीय स्तर पर जांच की जाती है, तो छात्रावास प्रबंधन जांच में पूरा सहयोग करेगा। उनका कहना है कि वे स्वयं चाहती हैं कि तथ्यों की निष्पक्ष और पारदर्शी जांच हो, ताकि वास्तविक स्थिति स्पष्ट हो सके और किसी भी प्रकार की गलतफहमी या अफवाह पर विराम लगाया जा सके।


फिलहाल, यह पूरा मामला सोशल मीडिया और व्हाट्सएप पर प्रसारित वीडियो के चलते चर्चा में है। जब तक संबंधित विभाग या प्रशासनिक स्तर से आधिकारिक जांच और स्पष्ट बयान सामने नहीं आता, तब तक किसी भी प्रकार का निष्कर्ष निकालना उचित नहीं माना जा सकता। छात्रावास प्रबंधन की ओर से भी यही अपेक्षा जताई गई है कि तथ्यों की वस्तुनिष्ठ समीक्षा कर स्थिति सार्वजनिक की जाए, ताकि अनावश्यक विवाद और भ्रम की स्थिति से बचा जा सके।

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