सीएम साहब का पहला आदेश अब भी अधूरा, झाबुआ में खुले में मांस बिक्री जारी... नवागत कलेक्टर से उम्मीदों का इम्तिहान…
17 अप्रैल 2026
झाबुआ
✍️ ऋतिक विश्वकर्मा | MP जनमत
झाबुआ | जिलें में प्रशासनिक बदलाव हुआ है… नए कलेक्टर डॉ. योगेश तुकाराम भरसट ने जिम्मेदारी संभाल ली है… लेकिन जिम्मेदारी के साथ एक बड़ा सवाल भी उनके सामने खड़ा है… मुख्यमंत्री के उस पहले आदेश का… जो दो साल बाद भी ज़मीन पर उतरता नजर नहीं आ रहा… खुले में मांस-मटन की दुकानों पर प्रतिबंध का आदेश आज भी कागज़ों में सिमटा हुआ है… और कुम्हारवाड़ा सड़क पर नगर पालिका के पास हालात जस के तस हैं…

पूर्व कलेक्टर के कार्यकाल में इस मुद्दे पर कई बार आवाज उठी… शिकायतें हुईं… चर्चाएं हुईं… लेकिन कार्रवाई आंकड़ों और कागज़ों से आगे नहीं बढ़ पाई… जनता की उम्मीदें फाइलों में दर्ज होकर रह गईं… ज़मीनी बदलाव नज़र नहीं आया… यही कारण है कि अब नई जिम्मेदारी के साथ नए कलेक्टर से लोगों की अपेक्षाएं और बढ़ गई हैं…

मौजूदा स्थिति यह है कि नगर पालिका कार्यालय के समीप ही खुले में मांस की बिक्री जारी है… न निर्धारित नियमों का पालन… न स्वच्छता के मानक… और न ही किसी प्रकार की सख्त निगरानी… सवाल यह उठता है कि जब प्रशासनिक मुख्यालय के आसपास ही आदेश का पालन नहीं हो पा रहा… तो दूरदराज़ क्षेत्रों की स्थिति क्या होगी…

स्थानीय लोगों के बीच यह चर्चा भी है कि इस पूरे मामले में कुछ प्रभावशाली लोगों का संरक्षण बना हुआ है… जिसके चलते कार्रवाई आगे नहीं बढ़ पाती… यदि यह सच है… तो यह केवल नियमों की अनदेखी नहीं… बल्कि शासन के आदेश की विश्वसनीयता पर भी सवाल खड़ा करता है…
अब निगाहें नवागत कलेक्टर डॉ. योगेश तुकाराम भरसट पर हैं… क्या वे इस लंबे समय से लंबित आदेश को ज़मीन पर उतार पाएंगे… क्या नगर पालिका प्रशासन को नियमों के पालन के लिए बाध्य किया जाएगा… और क्या झाबुआ को वास्तव में स्वच्छ और व्यवस्थित बनाने की दिशा में ठोस कदम उठेंगे…
जनता की उम्मीद साफ है…
कलेक्टर साहब… जो अब तक नहीं हुआ, उसे अब कर दिखाइए… मुख्यमंत्री के आदेश को कागजाें से निकालकर जमीन पर उतारिए…





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