2 हजार की रिश्वत में फंसा शिक्षा अधिकारी... अतिथि शिक्षक का वेतन रोककर कर रहा था सौदा, लोकायुक्त ने घर से दबोचा
25 अप्रैल 2026
इंदौर/खरगोन
✍️ अरविंद आर. तिवारी | एमपी जनमत
इंदौर/खरगोन। शिक्षा विभाग में भ्रष्टाचार का एक और चेहरा सामने आया है… जहां महज 2 हजार रुपए के लिए एक अधिकारी ने अतिथि शिक्षक का वेतन रोककर सौदेबाजी शुरू कर दी… लेकिन इस बार चाल उलटी पड़ गई और लोकायुक्त की टीम ने उसे रंगेहाथ दबोच लिया…
जानकारी के मुताबिक… खरगोन जिले के आनकवाड़ी निवासी सुभाष बर्डे ने लोकायुक्त पुलिस इंदौर के एसपी राजेश सहाय के समक्ष शिकायत दर्ज कराई थी… सुभाष ने बताया कि उनकी पत्नी सेवंती बर्डे… शासकीय प्राथमिक विद्यालय भेड़िया फलिया, गलतार (भगवानपुरा) में अतिथि शिक्षक हैं…
आरोप है कि नवंबर 2025 का वेतन जानबूझकर रोका गया… और उसे जारी करने के बदले तत्कालीन संकुल प्राचार्य प्रभात परमार्थी ने 2 हजार रुपए की रिश्वत की मांग कर डाली… खास बात यह है कि आरोपी दिसंबर 2025 में बीईओ झिरन्या के पद पर भी पदस्थ रह चुका है…
शिकायत की जांच की गई… और जब आरोप सही पाए गए तो लोकायुक्त ने जाल बिछाया… डीएसपी सुनील तालान के नेतृत्व में टीम गठित की गई… जिसमें आशीष शुक्ला, रामेश्वर निगवाल, चंद्रमोहन बिष्ट, अनिल परमार और आशीष आर्य शामिल रहे…
शनिवार को जैसे ही आरोपी प्रभात परमार्थी ने ज्योति नगर, खरगोन स्थित अपने निवास पर 2 हजार रुपए की रिश्वत ली… टीम ने तुरंत कार्रवाई करते हुए उसे रंगेहाथ पकड़ लिया…
लोकायुक्त पुलिस ने आरोपी के खिलाफ भ्रष्टाचार निवारण संशोधन अधिनियम 2018 की धारा 7 के तहत मामला दर्ज कर लिया है… और आगे की जांच जारी है…





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