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होमगार्ड एवं सिविल डिफेंस स्थापना दिवस पर भव्य समारोह... मुख्य अतिथि कैबिनेट मंत्री निर्मला भूरिया ने दी सलामी, मेधावी बच्चों सहित उत्कृष्ट अधिकारी-कर्मचारियों का सम्मान...

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✍️ संवाददाता: झाबुआ  |  🖊️ संपादन: MP जनमत

6 दिसम्बर 2025

झाबुआ

झाबुआ। पूरे देश में मनाए जा रहे होमगार्ड एवं सिविल डिफेंस स्थापना दिवस के अवसर पर झाबुआ जिला मुख्यालय पर आज अनुशासन, सेवा और समर्पण की अद्भुत छटा देखने को मिली। कार्यक्रम की मुख्य अतिथि माननीय कैबिनेट मंत्री सुश्री निर्मला भूरिया थीं। परेड ग्राउंड में आयोजित इस गरिमामय कार्यक्रम में मंत्री भूरिया ने परेड की सलामी ली और जवानों के उत्साह को सराहा।

 

चार प्लाटूनों की सुसज्जित परेड - दो प्लाटून होमगार्ड के जवानों के और दो प्लाटून सिविल डिफेंस की महिला-पुरुष टुकड़ियों ने अपनी सटीक ताल और अनुशासन से उपस्थित जनसमूह से भरपूर सराहना पाई। परेड निरीक्षण के बाद कार्यक्रम का औपचारिक शुभारंभ हुआ।

राष्ट्रपति, गृह मंत्री और डीजी के संदेशों का वाचन

समारोह में राष्ट्रपति महोदय, केंद्रीय गृह मंत्री श्री अमित शाह, और डीजी होमगार्ड एवं सिविल डिफेंस सुश्री प्रज्ञा ऋचा श्रीवास्तव के संदेशों का वाचन किया गया। संदेशों में संगठन की भूमिका, राष्ट्रीय आपदाओं में होमगार्ड-सिविल डिफेंस की निर्णायक भागीदारी और भविष्य की चुनौतियों पर प्रकाश डाला गया।

उत्कृष्ट कार्य करने वाले अधिकारियों-जवानों का सम्मान...

मुख्य अतिथि ने झाबुआ जिले के उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले होमगार्ड अधिकारियों, कर्मचारियों और जवानों को प्रशस्ति पत्र देकर सम्मानित किया। संगठन की सामाजिक-मानवीय जिम्मेदारी को देखते हुए इस वर्ष एक विशेष पहल के तहत मेधावी छात्र-छात्राओं का भी सम्मान किया गया।

डीजी के आदेशानुसार, पूरे मध्यप्रदेश में होमगार्ड परिवारों के मेधावी बच्चों—10वीं, 12वीं, MBBS, B.Tech में श्रेष्ठ अंक लाने वालों को सम्मानित किया जा रहा है। इसी क्रम में झाबुआ जिले के पाँच होमगार्ड जवानों के बच्चों को मंच पर प्रशस्ति पत्र और प्रोत्साहन राशि प्रदान की गई। यह क्षण मंच और पांडाल दोनों में गर्व और आत्मीयता का वातावरण रच गया।

आपदा प्रबंधन की जीवंत मॉक ड्रिल ने किया प्रभावित

होमगार्ड, सिविल डिफेंस और एसडीआरएफ की टीमों द्वारा प्रस्तुत आपदा प्रबंधन मॉक ड्रिल कार्यक्रम का मुख्य आकर्षण रही।

प्रदर्शन में दिखाया गया कि कैसे किसी जर्जर इमारत के ढहने की स्थिति में जहाँ चेतावनी के बावजूद लोग रह रहे हों - सिविल डिफेंस वॉलंटियर प्रथम प्रत्युत्तरकर्ता की भूमिका निभाते हुए लोगों की जान बचा सकते हैं। बचाव दल द्वारा घायलों को निकालना, प्राथमिक उपचार देना और शीघ्र अस्पताल भेजना - सबका जीवंत प्रदर्शन किया गया। इसके बाद एसडीआरएफ की विशेष टीमों ने अपने उन्नत तकनीकी उपकरणों के साथ त्वरित कार्रवाई का मॉडल प्रस्तुत किया।

उपकरणों की प्रदर्शनी का अवलोकन

कार्यक्रम पश्चात मंत्री निर्मला भूरिया ने होमगार्ड एवं एसडीआरएफ के आधुनिक आपदा बचाव उपकरणों की प्रदर्शनी का अवलोकन किया। विशेषज्ञ अधिकारियों ने उपकरणों के उपयोग और उनकी भूमिका पर विस्तार से जानकारी दी। इसके बाद अल्पाहार के साथ कार्यक्रम का औपचारिक समापन हुआ।

जवानों के समर्पण को झुकता है नमन - शशिधर पिल्ले

कार्यक्रम की संपूर्ण व्यवस्था का नेतृत्व कर रहे जिला कमांडेंट शशिधर पिल्ले ने कहा कि होमगार्ड, सिविल डिफेंस और एसडीआरएफ का मूल मंत्र ही है सेवा, सुरक्षा और संकट में संबल। आज का कार्यक्रम इस आत्मा का सजीव प्रमाण है।

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