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इंदौर में रील की नसीहत, सड़क पर बदतमीजी… धर्मेन्द्र बिलोटिया को ज्ञान देने वाला इन्फ्लुएंसर साेनू खुद कानून के कटघरे में…

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✍️ संवाददाता: इंदाैर  |  🖊️ संपादन: MP जनमत

25 दिसंबर 2025

इंदाैर

इंदौर। सोशल मीडिया की चमक-दमक में खुद को समाज सुधारक और जीवन का गुरु बताने वाले इन्फ्लुएंसर सोनू वर्मा की असलियत एक वायरल वीडियो ने उजागर कर दी… मामला हीरानगर थाना क्षेत्र का है… जहां ड्यूटी पर तैनात एक हेड कांस्टेबल के साथ बदसलूकी का वीडियो सामने आते ही हड़कंप मच गया…


     विडंबना यह है कि घटना से ठीक एक दिन पहले सोनू वर्मा ने सोशल मीडिया पर एक वीडियो पोस्ट किया था… जिसमें वह धर्मेन्द्र बिलोटिया को “लाइफ लेसन” देते नजर आ रहे थे… शब्द बड़े थे… अंदाज़ उपदेशात्मक था… मानो जीवन की सारी समझ उन्हीं के पास हो… लेकिन अगली ही रात नशे की हालत में वही सोनू वर्मा सड़क पर कानून से भिड़ता दिखा…सोशल मीडिया पर वायरल हुआ पुलिस से बदसलूकी का वीडियो

वायरल वीडियो में साफ देखा जा सकता है…नशे में धुत सोनू वर्मा ऊंची आवाज में चिल्ला रहा है… पुलिसकर्मी को धमका रहा है… थप्पड़ मारने तक की बात कह रहा है… जबकि सामने खड़ा हेड कांस्टेबल पूरी शांति और संयम के साथ ड्यूटी निभाता रहा… न वर्दी की मर्यादा टूटी… न कानून की सीमा लांघी… लेकिन इन्फ्लुएंसर का अहंकार और नशा दोनों बेलगाम दिखे…


वीडियो सामने आते ही सोशल मीडिया पर सवालों की बाढ़ आ गई… जो कल तक धर्मेन्द्र बिलोटिया को नसीहत दे रहा था… आज खुद किस आईने में खड़ा है… क्या रील में ज्ञान देना ही चरित्र का प्रमाण होता है…


मामले ने तूल पकड़ा तो पुलिस भी हरकत में आई… सरकारी कार्य में बाधा डालने और पुलिसकर्मी से बदसलूकी के आरोप में IPC की धारा 186 सहित अन्य संबंधित धाराओं के तहत एफआईआर दर्ज की गई… जांच शुरू होते ही सोनू वर्मा कानून के शिकंजे में आ गया…


यह घटना सिर्फ एक व्यक्ति की नहीं… बल्कि उस सोच का पर्दाफाश है… जहां फॉलोअर्स की गिनती को कानून से ऊपर समझ लिया जाता है… जहां कैमरा ऑन होते ही खुद को आदर्श और कैमरा ऑफ होते ही अराजक मान लिया जाता है…


एक दिन पहले धर्मेन्द्र बिलोटिया को जीवन का पाठ पढ़ाने वाला इन्फ्लुएंसर… अगले दिन खुद कानून से सबक सीखता नजर आया… रील थम गई… कैमरा बंद हो गया और अब कहानी सोशल मीडिया नहीं… बल्कि पुलिस फाइलों में आगे बढ़ रही है…


इंदौर की इस घटना ने साफ संदेश दे दिया है…
नसीहत देना आसान है… लेकिन कानून के सामने चरित्र निभाना जरूरी है… क्योंकि यहां काेई इन्फ्लुएंसर नहीं… सिर्फ नागरिक होता है… जिसकाे कानून के दायरें में रहना जरूरी है...

✍️ संपादन: ऋतिक विश्वकर्मा | MP जनमत

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